शनिवार, 2 अक्तूबर 2010

आगरा के बल्‍केश्‍वर घाट पर बलखाती यमुना का अवलोकन करते डा. सुभाष राय एवं डा. महाराज सिंह परिहार






2 टिप्‍पणियां:

  1. bahut khoob. ham dono yamuna se dare hue lagate hain. chehare kee havaaiyaan udee hui, shakal ast-vyst jaise abhee-abhee kisee ne jamkar dhunaai kee ho.

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  2. काहो डॉ साहब बहती गंगा में हाथ धोने पहुँच गए का मर्दवा :)

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