मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

राजाओं का ही इतिहास लिखा गया - डा. परिहार







भदोही में मेधावी छात्र सम्मान समारोह
हमारे देश का इतिहास वस्तुतः राजाओं का इतिहास है। यही कारण है कि जंगे आजादी के अप्रतिम योद्धा और भदोही (संत रविदास नगर) की पावन माटी में जन्मे शीतल पाल का इसमें प्रमुखता से उल्लेख नहीं है। अगर राम, कृष्ण, युधिष्ठर, बहादुरशाह जफर, रानी झांसी आदि राजा अथवा रानी न हुए होते तो इतिहास में इनका नामोनिशान नहीं होता। यह उद्गार नया इन्द्रधनुष के प्रधान संपादक व विचार बिगुल के चर्चित ब्लॉगर डाक्टर महाराज सिंह परिहार ने पाल विकास समिति के तत्वावधान में विगत दिनों भदोही के ज्ञानपुर नगर में मुखर्जी उद्यान में संपन्न मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर० एन ० पाल ने की। विशिष्ट अतिथि थे प्रख्यात समाजसेवी सेवालाल पाल तथा दिवंगत आईएएस दशरथ प्रसाद पाल की धर्मपत्नी नीलम प्रसाद थीं.
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सावित्री देवी सहित कई क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधानों का मुख्य अतिथि ने शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण करके अभिनंदन किया। प्रतिभाशाली हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों सहित विभिन्न सरकारी नौकरी में प्रतियोगिता द्वारा चयनित हुए युवाओं का मुख्य अतिथि डा। महाराज सिंह परिहार, विशिष्ट अतिथिद्वय सेवालाल पाल व श्रीमती नीलम प्रसाद ने शील्ड, मेडल प्रदान कर एवं मार्ल्यापण करके स्वागत किया। समारोह में श्रीमती नीलम प्रसाद, सेवालाल पाल, रमाशंकर पाल, डा. कमल, जयशंकर प्रसाद पाल, मुन्नालाल पाल, श्रीनाथ पाल आदि अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। संचालन संस्था के संरक्षक बी.एल. पाल ने किया। इस अवसर पर अनुभाग अधिकारी लक्ष्मण पाल, कर अधीक्षक आर.बी.पाल, बीनापाल, अनुपमा आदि उपस्थित थे। समारोह से पूर्व मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों ने १८५७ के शहीद शीतल पाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

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