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शनिवार, 13 अगस्त 2011

प्रख्यात आल¨चक नामवर सिंह ने किया उषा यादव का सम्मान


प्रख्यात आलोचक नामवर सिंह ने किया उषा यादव का सम्मान

आगरा। प्रख्यात साहित्यकार एवं केएम मुंशी हिंदी विद्यापीठ, डा. भीमराव अम्बेडकर विश्घ्वविद्यालय आगरा की पूर्व प्रोफेसर एवं साहित्यिक संस्था इन्द्रधनुष की अध्यक्ष डा. उषा यादव का विगत दिवस मीरा फाउंडेशन के तत्वावधान में कला संगम, उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र इलाहाबाद में आयोजित भव्य समारोह में मीरा स्मृति सम्मान 2011 प्रख्यात आलोचक डा. नामवर सिंह ने प्रदान किया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. राकेशधर त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय हिंदी संस्थान के कुलसचिव डा. चन्द्रकांत त्रिपाठी थे। इस अवसर पर डा. नामवर सिंह ने डा. उषा यादव के साहित्यिक अवदान की
भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनके साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। समारोह में न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्ता, प्रख्यात साहित्यकार दूधनाथ सिंह, ममता कालिया, आउटलुक के संपादक नीलाभ सहित प्रदेश के वरेण्य साहित्यकार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन डा. पृथ्वीनाथ पाण्डेय व संचालन डा. विजय अग्रवाल ने किया। डा. उषा यादव के सम्मानित होने पर पद्मश्री डा. लाल बहादुर सिंह चैहान, डा. राजकिशोर सिंह, डा. महाराज सिंह परिहार, शिवसागर, डा. सुषमा सिंह, डा. राजकुमार रंजन आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।


फोटो परिचय- इलाहाबाद के कला संगम-उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र् पर आगरा की साहित्यकार डा. उषा यादव का सम्मान करते प्रख्यात आलोचक डा. नामवर सिंह

गुरुवार, 13 जनवरी 2011

डाक्टर परिहार बने जनसन्देश टाइम्स के आगरा ब्यूरो प्रमुख



आगरा, वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि तथा विचार-बिगुल के ब्लोगर डाक्टर महाराज सिंह परिहार लखनऊ se प्रकाशित दैनिक जनसन्देश टाइम्स के आगरा ब्यूरो प्रमुख बनाये गए है। विदित रहे कि इसअखवार के संपादक डाक्टर सुभाष राय हैं। जो विचारक, संवेदनशील कवि होने के साथ चर्चित ब्लॉग बात-बेबात के ब्लोगर सहित अमर उजाला के आगरा संपादक भी रहे हैं। आगरा का कार्यभार डाक्टर राय ने ही डाक्टर परिहार को सौपा है। जनसन्देशटाइम्स आगरा का कार्यालय सुभाष पार्क के सामने, शाह पैलेस १०६, एम.जी, रोड पर है.

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

राजाओं का ही इतिहास लिखा गया - डा. परिहार







भदोही में मेधावी छात्र सम्मान समारोह
हमारे देश का इतिहास वस्तुतः राजाओं का इतिहास है। यही कारण है कि जंगे आजादी के अप्रतिम योद्धा और भदोही (संत रविदास नगर) की पावन माटी में जन्मे शीतल पाल का इसमें प्रमुखता से उल्लेख नहीं है। अगर राम, कृष्ण, युधिष्ठर, बहादुरशाह जफर, रानी झांसी आदि राजा अथवा रानी न हुए होते तो इतिहास में इनका नामोनिशान नहीं होता। यह उद्गार नया इन्द्रधनुष के प्रधान संपादक व विचार बिगुल के चर्चित ब्लॉगर डाक्टर महाराज सिंह परिहार ने पाल विकास समिति के तत्वावधान में विगत दिनों भदोही के ज्ञानपुर नगर में मुखर्जी उद्यान में संपन्न मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर० एन ० पाल ने की। विशिष्ट अतिथि थे प्रख्यात समाजसेवी सेवालाल पाल तथा दिवंगत आईएएस दशरथ प्रसाद पाल की धर्मपत्नी नीलम प्रसाद थीं.
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सावित्री देवी सहित कई क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधानों का मुख्य अतिथि ने शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण करके अभिनंदन किया। प्रतिभाशाली हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों सहित विभिन्न सरकारी नौकरी में प्रतियोगिता द्वारा चयनित हुए युवाओं का मुख्य अतिथि डा। महाराज सिंह परिहार, विशिष्ट अतिथिद्वय सेवालाल पाल व श्रीमती नीलम प्रसाद ने शील्ड, मेडल प्रदान कर एवं मार्ल्यापण करके स्वागत किया। समारोह में श्रीमती नीलम प्रसाद, सेवालाल पाल, रमाशंकर पाल, डा. कमल, जयशंकर प्रसाद पाल, मुन्नालाल पाल, श्रीनाथ पाल आदि अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। संचालन संस्था के संरक्षक बी.एल. पाल ने किया। इस अवसर पर अनुभाग अधिकारी लक्ष्मण पाल, कर अधीक्षक आर.बी.पाल, बीनापाल, अनुपमा आदि उपस्थित थे। समारोह से पूर्व मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों ने १८५७ के शहीद शीतल पाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

मंगलवार, 16 नवंबर 2010

मदन मोहन 'अरविन्द' को विशेष अकादमी सम्मान


जालंधर स्थित लायंस भवन के सभागृह में आयोजित एक भव्य समारोह में पंजाब कला साहित्य अकादमी द्वारा मदन मोहन 'अरविन्द' को विशेष अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व बागवानी मंत्री ठाकुर सत्य प्रकाश के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किये गए. समारोह में मिजोरम और आन्ध्र प्रदेश सहित देश के अठारह राज्यों से आये अनेक साहित्यकार और हिंदी सेवी उपस्थित थे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री श्री मनोरंजन कालिया के अतिरिक्त पंजाब की अन्य गणमान्य विभूतियाँ भी इस समारोह से जुडी रहीं.
विदित रहे कि मदन मोहन 'अरविन्‍द' हिंदी साहित्‍य के जाने माने रचनाकार हैं। कविता से लेकर गजल तथा कहानी लेखन में भी आप पारंगत हैं। देश की प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं अक्‍सर प्रकाशित होती रहतीं हैं। आकाशवाणी के विभिन्‍न केन्‍द्रों द्वारा भी आपकी रचनाएं प्रसारित होती हैं। उनके इस सम्‍मान पर जनसंदेश टाइम्‍स के संपादक डा। सुभाष राय, चर्चित ब्‍लॉगर अविनाश वाचस्‍पति, डा. महाराज सिंह परिहार आदि ने हर्ष व्‍यक्‍त किया है।

बुधवार, 1 सितंबर 2010

'शब्द श्री' सम्मान से विभूषित हुए मशहूर शायर मयंक



लखनऊ-३० अगस्त: लखनऊ की सुप्रसिद्ध सांस्कृतिक-साहित्यिक संस्था, 'शब्द' द्वारा देश के विख्यात गीत-गजलकार, के.के.सिंह 'मयंक' का सूचना निदेशालय के सभागार में भव्य सम्मान किया गया. साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों की खचाखच उपस्थिति से गर्म इस आयोजन के अध्यक्ष आकाशवाणी के पूर्व निदेशक श्री मनुज एवं मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश उजाला थे. श्री के. के. सिंह 'मयंक' को 'शब्द श्री' से अलंकृत किया गया.
के.के सिंह मयंक को सम्मान- पत्र एवं अंग वस्त्र तथा स्मृति-चिह्न प्रदान करते हुए श्री मनुज ने कहा कि मयंक जी की रचनाएँ सीधे मानव हृदय से सम्वाद करती हैं. डॉ. सुरेश उजाला ने अपने संस्मरण बांटते हुए कहा कि मयंक जी एक बेहद शरीफ इंसान हैं लेकिन मंच से बाहर तक. मंच पर वह दोस्ती नहीं निभाते बल्कि अपनी रचनाओं से आप पर ऐसा प्रहार करते हैं जिससे आदमी हीन भावना से ग्रस्त हो जाए.
शब्द की संस्थापिका, श्रीमती डॉ. प्रीति कबीर ने कहा कि मयंक जी का सम्मान करके हमारी संस्था स्वयं गौरवावित हुई है.उन्होंने कहा कि मयंक जी जैसे रचनाकार का एक बार सम्मान करने से मन नहीं भरता, सम्भवतः संस्था भविष्य में मयंक जी को कुछ अन्य रचनात्मक कार्यों में सहभागी बनाने का प्रयत्न करेगी.
कार्यक्रम का संचालन श्री अरुणेश एवं संयोजन अरविन्द 'असर' ने किया.
सम्मान समारोह के दूसरे चरण में एक रष्ट्रीय काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें श्री के.के. सिंह 'मयंक' ने:
जो तिरंगे को करना नमन छोड़ दें
उनसे कह दो वो मेरा वतन छोड़ दें
पढकर देश प्रेम का परिचय दिया. इसके अतिरिक्त सुरेश उजाला, मनुज, अरविन्द असर, अरविन्द झा, प्रीति कबीर, अरुण मिश्रा, मनोज कुमार मनोज, डॉ. सुरेश, महताब हैदर, रामप्रकाश बेखुद आदि रचनाकारों ने भी राष्ट्रीय चेतना बोध की रचनाएँ प्रस्तुत कीं। बात-बेबात के ब्‍लॉगर व सुप्रसिद्ध संपादक डा. सुभाष राय व विचार-बिगुल के ब्‍लॉगर डा; महाराज सिंह परिहार ने केके सिंह मयंक को शब्‍दश्री सम्‍मान मिलने पर उन्‍हें बधाई दी है।
प्रेषित - अलका सर्वत मिश्रा

शनिवार, 12 जून 2010

कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह १४ जून को




साहित्यिक संस्था आनंद मंगलम और हर प्रसाद व्यव्हार संसथान के सयुक्त तत्वावधान में १४ जून को आगरा के माथुर वैश्य महासभा भवन पर नवल सिंह भदौरिया स्मृति कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा हैइस कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रोफ़ेसर पाल सिंह निडर, पत्रकार और कवि डाक्टर महाराज सिंह परिहार, गीतकार डाक्टर राज कुमार रंजन, डाक्टर कीर्ति काले, सुरेन्द्र दुबे, व्यंजना शुक्ल, डाक्टर राधे श्याम मिश्र, अमी आधार निडर आदि का सम्मान किया जायेगायह जानकारी समारोह के अध्यक्ष और संयोजक शिव सागर शर्मा ने दीस्वागत समिति में डाक्टर महेश भार्गव, पियूष भार्गव, अज्जू चौहान, राम कुमार शर्मा आदि हैंस्वागताध्यक्ष श्याम भदौरिया तथा महामंत्री सुनीत गोस्वामी हैंकार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन तथा मुख्य अतिथि आगरा के लोकसभा सदस्य डाक्टर राम शंकर कठेरिया व् विशिस्ट अतिथि संतोष कटारा और शरद भदौरिया हैंकार्यक्रम रात्रि आठ बजे आरम्भ होगा.